बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

अखियां श्याम दरस की प्यासी..

 खाटूश्यामजी. दूर दराज से कई किमी का सफर, लंबी पदयात्रा और घंटों कतार, भक्त ये सब कुछ बस बाबा की एक झलक पाने के लिए कर रहे हैं। इतने जतन के बाद लखधणी दातार के दरबार में दर्शन के लिए जो एक मिनट का समय मिल रहा है वह एक साथ 350 श्रद्धालुओं की झोली खुशियों से भर रहा है। दशमी के दिन तक बाबा के दरबार में करीब छह लाख श्रद्धालुओं की हाजरी लग चुकी है। बाबा के दर्शनों की आस, देश कोने-कोने से श्याम भक्तों को खींच ला रही है। बाबा का मुख्य मेला गुरुवार को भरेगा। एकादशी के मौके पर भरने वाले मेले में करीब चार लाख से अधिक श्रद्धालु जुटने की उम्मीद है। हर तरफ आस्था, भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। खाटूधाम की धर्मशालाआंे में भी श्याम के भजन कीर्तनों का दौर चल रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के कारण बुधवार को प्रशासन को रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग को वनवे में तब्दील करना पड़ा है। श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रींगस से खाटूश्यामजी 20 मिनट मे पहुंचने वाले वाहन अब तीन घंटे मे खाटू पहुंच रहे हैं। अलग-अलग टोलियों और निशानों के साथ भक्त बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं।





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