विदेशी बाला के मन भाए ‘बाबा’
जोधपुर. योग सिखाने वाले बाबा विदेशी युवती को इतने पसंद आए कि दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों सोमवार को विवाह का पंजीकरण करवाने नगर निगम पहुंचे तो वहां इस जोड़े को देखने मजमा लग गया। बाबा इस युवती के देश जाकर योग का प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं। यह बात और है कि कानूनी पेचिदगियों की वजह से उनका विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र नहीं बन सका। उनसे कुछ कागज और मांगे गए हैं। बड़लेश्वर महादेव मंदिर मसूरिया के बाबा मारुति गिरी स्विट्जरलैंड की तानिया उर्फ चन्द्रा के साथ नगर निगम पहुंचे तो वहां हर किसी की नजरें उनको ही देखने लगीं। पचास साल के बाबा और तैतीस साल की विदेशी युवती हाथों में हाथ डाल विवाह पंजीयन शाखा पहुंचे। प्रभारी कुशल जैन को बताया कि उन्होंने 20 जनवरी को आर्य समाज में शादी रचाई है। अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना चाहते है। उन्होंने शपथ-पत्र और आर्य समाज का मैरिज सर्टिफिकेट पेश किया तो जैन ने उन्हें निगम आयुक्त के पास भेज दिया। आयुक्त ने उनके दस्तावेजों की जांच की। चूंकि मामला विदेशी महिला का देशी बाबा के संग शादी का था, इसलिए उन्होंने कुछ और दस्तावेज मांगे। इस जोड़े ने कहा कि उन्हें स्विट्जरलैंड जाना है। बाबा का पासपोर्ट बनाने के लिए भी एप्लाई किया है। इसके बाद दोनों इंटेलीजेंस विभाग में कानूनी कार्रवाई करने चले गए। दो साल पूर्व मारुति गिरी व तानिया द्वारका में मिले थे। वहां बाबा योग का प्रशिक्षण दे रहे थे। संस्कृति जानने आई थीञ्चयहां की संस्कृति जानने और योग सीखने आई थी। बाबा अच्छे लगे, प्रेम कर बैठी। इनसे हिन्दी व संस्कृत भी सीखी। अब हम योग का प्रचार—प्रसार करना चाहते हैं।
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