शनिवार, 20 मार्च 2010

कैसे बीतेंगे दो वैशाख!

 रानीवाडा । अभी तो चैत्र है, लोग ज्येष्ठ की दुपहरी की कल्पना मात्र से चिंता में है। ज्येष्ठ तो आएगा तब आएगा, उससे पहले दो वैशाख कैसे गुजरेंगे! भारतीय महीनों के चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ ग्रीष्मकाल में शुमार माने जाते हैं। आषाढ आते-आते आसमान में बादलों की उपस्थिति राहत के संकेत लेकर आती है। इसके बाद सावन का महीना बरखा बहार का होता है। अगर इस आधार पर गणना करें तो इस बार चार के बजाय पांच माह गर्मी के होंगे। इसका कारण है कि इस बार वैशाख दो हैं। शुद्ध वैशाख 31 मार्च से शुरू होगा। इसके बाद 15 अप्रेल से 14 मई तक अघिक वैशाख [पुरूषोत्तम मास] रहेगा। फिर शुद्ध वैशाख 27 मई को खत्म होगा। 28 से चलने वाला ज्येष्ठ मास 26 जून तक तथा इसके बाद आषाढ 26 जुलाई तक रहेगा। अगर बादलों ने इस बार जल्दी रूख नहीं किया तो अघिक वैशाख के कारण गर्मी ज्यादा दिन झेलनी पडेगी। शुक्रवार भी तपा: शुक्रवार को भी गुरूवार की तरह दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पर ही रहा। गुरूवार रात का तापमान 22.2 डि.से. दर्ज किया गया जो बुधवार रात के तापमान के करीब था। ऎसे में दिन भर तपन रही। घरों में अब पंखों के साथ कूलर भी चलने लगे हैं। कार्यालयों में एसी. शुरू हो गए हैं। बाजारों में कूलर की मांग बढ गई है।



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