सोमवार, 8 मार्च 2010

पति की चिता को पत्नी ने दी मुखाग्नि

राजकोट. प्रेमविवाह करने वाले जोड़ों को परिवार और समाज में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर प्रेमविवाह का विरोध करने वाले परिवार और समाज अपने बच्चों को माफी देकर स्वीकार कर लेते हैं लेकिन कुछ ऐसे परिवार वाले होते हैं जो बेटे-बेटियों की मौत के बाद भी इनसे दूरी बनाए रखते हैं।भावनगर में एक प्रेमीजोड़े के साथ कुछ इसी तरह की घटना घटी। प्रेमविवाह को परिवार वालों ने नहीं स्वीकारा और इन्हें परिवार से अलग कर दिया गया। मोरबी के जांबुडिया गांव में मेहनत-मजदूरी करने वाले एक जोड़े पर कुदरत का कहर ऐसे टूटा कि सब कुछ तितर-बितर हो गया। आकस्मिक घटना में पति की मौत हो जाने के बाद भी परिवार वालों ने कोई खोज-खबर नहीं ली। यहां तक कि पति के अंतिम क्रियाकलाप में भी कोई नहीं आया जिसके बाद पत्नी ने अपने दिल पर पत्थर रखकर पति की चिता को मुखाग्नि दी।
गौरतलब है कि भावनगर के समढियाणा गांव में अतुल खोडाभाई मकवाणा ने बरवा गांव की मंजुला नाम की लड़की से प्रेम विवाह किया था। परिवार वालों ने इन दोनों की शादी को अस्वीकार करके इन्हें परिवार से बेदखल कर दिया। ये दोनों गांव के खेत में घर बनाकर अपना जीवन-यापन शुरु कर दिया। आठ साल से दिन-रात मेहनत मजदूरी करने वाले इस जोड़े को भगवान खुश न देख सके। खबर के मुताबिक 25 फरवरी को अतुल मकवाणा जांबुडिया गांव के हाईवे पर स्थित होटल में शराब पीने के लिए गया हुआ था। इस होटल में गैस फटने की वजह से अतुल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर अतुल की मौत हो गई।





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